निर्मितवादी अधिगम सिद्धांत

इसे संरचनावादी अधिगम भी कहा जाता है यह संज्ञानात्मक  मनोविज्ञान पर आधारित है ।

संज्ञानात्मक  मनोविज्ञानक(संज्ञानात्मक विकास मनुष्य के विकास का

 महत्वपूर्ण पक्ष है। ‘संज्ञान’ शब्द का अर्थ है ‘जानना’ या ‘समझना’। यह

एक ऐसी बौद्धिक प्रक्रिया है जिसमें विचारों के द्वारा ज्ञान प्राप्त किया 

जाता है। संज्ञानात्मक विकास शब्द का प्रयोग मानसिक विकास के व्यापक

अर्थो में किया जाता है जिसमें बुद्धि के अतिरिक्त सूचना का प्रत्यक्षीकरण

, पहचान और व्याख्या आता है। अत: संज्ञान में मानव की विभिन्न

मानसिक गतिविधियों का समन्वय होता है।) का जनक जीन पियाजे को माना जाता है ।

समर्थक- जीन पियाजे ब्रूनर वागोस्त्की नेल्सन गुडसेन गार्डनर ।
संरचनात्मक – अधिगम के द्वारा स्वयं के लिए ज्ञान प्राप्त करना ।
निर्मितवाद विचारधारा - एक व्यक्ति किस प्रकार ज्ञान को प्राप्त करता है ।
निर्मितवाद विचारधारा के अनुसार ज्ञान व्यक्ति का बाहरी पक्ष न होकर आंतरिक पक्ष है इसी कारण व्यक्ति के शारीरिक गठन या सौन्दर्य को देखकर यह पता नहीं लगाया जा सकता है की कौन सा  व्यक्ति कितना ज्ञानी है या उसके अन्दर ज्ञान का आभाव है अर्थात ज्ञान आंतरिक पक्ष है और व्यक्ति उसको अर्जित करता है फिर संचित करता है और उसमे वह दिन प्रतिदिन विस्तार भी करता रहता है ।
निर्मितिवाद छात्र केन्द्रित शिक्षा की बात करता है ।
इसमें छात्र के पूर्व अनुभव अर्थात पहले से प्राप्त अनुभव एवं पूर्व ज्ञान अर्थात पहले से अर्जित एवं संचित ज्ञान को महत्व दिया जाता है ।
संरचनावादी अधिगम सिद्धांत का मानना है कि बालक के द्वारा पूर्व में प्राप्त ज्ञान और नये या जिस ज्ञान को वह प्राप्त कर रहा है दोनों में अंतः क्रिया होती रहती है और इसी अंतः क्रिया के फलस्वरूप छात्र ज्ञान प्राप्त करता है ।
निर्मितिवाद में बालक स्वयं के द्वारा कार्य करता है और कर के वह सीखता है और इस प्रकार से सिखा गया ज्ञान उसके मन मस्तिष्क में बैठ जाता है अर्थात स्थाई हो जाता है ।
निर्मितिवाद अधिगम सिद्धांत बालक को सक्रिय अधिगम कर्ता मानता है ।
निर्मितिवाद अधिगम सिद्धांत शिक्षक की भूमिका एक मार्गदर्शक की होती है जो बालक को काम करने का तरीका उनके उदेश्यों को बताता है और उनके लिए कार्य करने का अवसर भी प्रदान करता है ।
बालक को सही ढंग से काम करने के लिए प्रेरित भी करता है जिससे बालक कम समय में अपना कार्य आसानी से कर सके ।


                       
                    निर्मितिवाद के प्रकार
 






संज्ञानात्मक निर्मितिवाद             सामाजिक निर्मितिवाद
1 जीन पियाजे                1 वागोस्त्की
2 j.s. ब्रूनर                   2 गार्डनर
                           3 नेल्सन गुडसेन

Comments

Popular posts from this blog

कोहलर का सूझ अथवा अंतर्दृष्टि का सिद्धांत

खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर NCERT CLASS-6